Government Hospitals Will Be Buy Medicines And Equipment Without Tender Cm Yogi Order – यूपी: अब बिना टेंडर के सरकारी अस्पताल खरीदे सकेंगे दवाइयां और उपकरण, सीएम योगी ने दिए आदेश

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Fri, 16 Apr 2021 09:17 PM IST

सार

प्रदेश के सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थान अब बिना टेंडर के दवाएं और उपकरण खरीद सकेंगे। यह छूट तीन माह के लिए दी गई है। ऐसे में 12 अप्रैल से 11 जुलाई के बीच होने वाली खरीदारी को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करना जरूरी नहीं है। 

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प्रदेश के सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थान अब बिना टेंडर के दवाएं और उपकरण खरीद सकेंगे। यह छूट तीन माह के लिए दी गई है। ऐसे में 12 अप्रैल से 11 जुलाई के बीच होने वाली खरीदारी को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करना जरूरी नहीं है। 

इसी तरह स्थानीय स्तर पर मैनपावर के लिए भी टेंडर निकालने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने आदेश जारी कर दिया है। इसके लिए गाइडलाइन भी जारी की गई है और खरीदारी को पारदर्शी बनाने के लिए कई शर्तें जोड़ी गई हैं। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने बताया कि सीएम के निर्देश पर खरीदारी के लिए नियमों में शिथिलता दी गई है। 

कोरोना संक्रमित की जान बचाना पहली प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से खरीद की जाने वाली सामग्री की मात्रा, मानकों का अनुपालन, गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट के सत्यापन का उत्तरदायित्व चिकित्सा विवि के कुलपति, संस्थान के निदेशक और मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को सौंपा गया है।
 
आपात खरीदारी को प्रमाणित करेंगी सात संस्थाएं
आपात स्थिति में खरीद की जाने वाली वस्तुओं की आकस्मिकता और आवश्यकता का प्रमाणीकरण सात संस्थाएं करेंगी। इनमें केजीएमयू लखनऊ, एसजीपीजीआई, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान एवं चिकित्सालय लखनऊ, सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय, स्नातकोत्तर शिक्षण संस्थान नोएडा और राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा शामिल हैं। इसके अलावा सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा महाविद्यालयों में यह प्रमाणीकरण संबंधित प्रधानाचार्य या जिले के डीएम करेंगे।

विस्तार

प्रदेश के सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थान अब बिना टेंडर के दवाएं और उपकरण खरीद सकेंगे। यह छूट तीन माह के लिए दी गई है। ऐसे में 12 अप्रैल से 11 जुलाई के बीच होने वाली खरीदारी को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करना जरूरी नहीं है। 

इसी तरह स्थानीय स्तर पर मैनपावर के लिए भी टेंडर निकालने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने आदेश जारी कर दिया है। इसके लिए गाइडलाइन भी जारी की गई है और खरीदारी को पारदर्शी बनाने के लिए कई शर्तें जोड़ी गई हैं। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने बताया कि सीएम के निर्देश पर खरीदारी के लिए नियमों में शिथिलता दी गई है। 

कोरोना संक्रमित की जान बचाना पहली प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से खरीद की जाने वाली सामग्री की मात्रा, मानकों का अनुपालन, गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट के सत्यापन का उत्तरदायित्व चिकित्सा विवि के कुलपति, संस्थान के निदेशक और मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को सौंपा गया है।

 

आपात खरीदारी को प्रमाणित करेंगी सात संस्थाएं

आपात स्थिति में खरीद की जाने वाली वस्तुओं की आकस्मिकता और आवश्यकता का प्रमाणीकरण सात संस्थाएं करेंगी। इनमें केजीएमयू लखनऊ, एसजीपीजीआई, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान एवं चिकित्सालय लखनऊ, सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय, स्नातकोत्तर शिक्षण संस्थान नोएडा और राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा शामिल हैं। इसके अलावा सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा महाविद्यालयों में यह प्रमाणीकरण संबंधित प्रधानाचार्य या जिले के डीएम करेंगे।

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