Yogi Said, The Resolution Of Minimum Government-maximum Governance Will Come True, Cabinet Meeting And Budget Paper Laces – यूपी में अब ई-कैबिनेट और ई-बजट होगा, योगी के मंत्री भी सीखेंगे ‘क्लिक’ करना

सीएम योगी अदित्यनाथ।
– फोटो : अमर उजाला।

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योगी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक अब पेपर लेस होगी और सरकार का चौथा बजट भी पेपर लेस पेश किया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्रियों को आईपेड संचालित करने के गुर सिखाए गए और सिक्योरिटी फीचर्स की जानकारी देते हुए तकनीक का सुरक्षा के साथ उपयोग करने की सलाह दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मंत्रिपरिषद की आगामी बैठक अब ई-कैबिनेट करने और ई-बजट (पेपर लेस) प्रस्तुत करने का प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने बजट सत्र से पहले विधानमंडल के सदस्यों को टैबलेट वितरित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ई-कैबिनेट व्यवस्था लागू हो जाने से मंत्रिपरिषद की कार्यवाही पेपरलेस हो जाएगी। इससे ई-गवर्नेंस और ई-ऑफिस की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ई-कैबिनेट व्यवस्था से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिनिमम गवर्नमेंट- मैक्सिमम गवर्नेंस के संकल्प को साकार किया जाएगा।

उन्होंने विधायकों को भी टेबलेट के उपयोग का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद एवं विधानमंडल सदस्यों के तकनीक से जुड़ने से नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनता हुआ दिखाई देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से ही कोरोना काल में  जरूरतमंदों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकी। एक क्लिक से 87 लाख लोगों के खाते में पेंशन जमा कराई गई। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लाभांवित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक आपूर्ति प्रणाली से संतुष्टि का स्तर 96 प्रतिशत है, यह देश में सबसे अधिक है। उन्होेंने कहा कि यह सफलता ई-पॉस मशीन के उपयोग से ही संभव हो सकी है। इससे दो वर्षों में प्रदेश को लगभग 2,500 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

उन्होंने कहा कि राजकीय सेवाओं एवं विकास कार्यों में मानव हस्तक्षेप कम से कम करने एवं पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने  ई-टेंडरिंग, जेम पोर्टल का उपयोग किया। सरकार ने गेहूं खरीद वर्ष 2021-22 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीद में ई-पॉप मशीनों के प्रयोग के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार ने ई-कैबिनेट व्यवस्था का प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि ई-कैबिनेट व्यवस्था में सिक्योरिटी फीचर्स का ध्यान रखा गया है। ई-कैबिनेट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी मंत्री बैठक में शामिल हो सकते हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह, कपिल देव अग्रवाल, मुख्य सचिव आर.के.तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

योगी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक अब पेपर लेस होगी और सरकार का चौथा बजट भी पेपर लेस पेश किया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्रियों को आईपेड संचालित करने के गुर सिखाए गए और सिक्योरिटी फीचर्स की जानकारी देते हुए तकनीक का सुरक्षा के साथ उपयोग करने की सलाह दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मंत्रिपरिषद की आगामी बैठक अब ई-कैबिनेट करने और ई-बजट (पेपर लेस) प्रस्तुत करने का प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने बजट सत्र से पहले विधानमंडल के सदस्यों को टैबलेट वितरित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ई-कैबिनेट व्यवस्था लागू हो जाने से मंत्रिपरिषद की कार्यवाही पेपरलेस हो जाएगी। इससे ई-गवर्नेंस और ई-ऑफिस की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ई-कैबिनेट व्यवस्था से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिनिमम गवर्नमेंट- मैक्सिमम गवर्नेंस के संकल्प को साकार किया जाएगा।

उन्होंने विधायकों को भी टेबलेट के उपयोग का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद एवं विधानमंडल सदस्यों के तकनीक से जुड़ने से नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनता हुआ दिखाई देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से ही कोरोना काल में  जरूरतमंदों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकी। एक क्लिक से 87 लाख लोगों के खाते में पेंशन जमा कराई गई। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लाभांवित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक आपूर्ति प्रणाली से संतुष्टि का स्तर 96 प्रतिशत है, यह देश में सबसे अधिक है। उन्होेंने कहा कि यह सफलता ई-पॉस मशीन के उपयोग से ही संभव हो सकी है। इससे दो वर्षों में प्रदेश को लगभग 2,500 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

उन्होंने कहा कि राजकीय सेवाओं एवं विकास कार्यों में मानव हस्तक्षेप कम से कम करने एवं पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने  ई-टेंडरिंग, जेम पोर्टल का उपयोग किया। सरकार ने गेहूं खरीद वर्ष 2021-22 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीद में ई-पॉप मशीनों के प्रयोग के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार ने ई-कैबिनेट व्यवस्था का प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि ई-कैबिनेट व्यवस्था में सिक्योरिटी फीचर्स का ध्यान रखा गया है। ई-कैबिनेट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी मंत्री बैठक में शामिल हो सकते हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह, कपिल देव अग्रवाल, मुख्य सचिव आर.के.तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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