Youth Is In Pakistan Jail Contacting Pakistan Government For Home Coming, – यूपी: वतन वापसी के बाद घर वापसी की बाट जोह रहा पुनवासी,1 माह से अटारी बार्डर पार कर है अमृतसर में

अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
Updated Wed, 23 Dec 2020 11:34 PM IST

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दो वर्ष की कवायद के बाद जिस पुनवासी का पता खोजकर उसे 11 वर्ष बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा कराया गया, वह वतन वापसी के बाद घर वापसी की बाट जोह रहा है। उसे अमृतसर में क्वारंटीन किया गया है। तंगहाली में जी रहे परिजन उसे वापस लाने में अक्षम हैं। 

मिर्जापुर जिले की देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना निवासी पुनवासी 11 वर्ष पहले 2009 में बार्डर पार कर पाकिस्तान चला गया था। सजा पूरी करने के बाद भी वह राष्ट्रीयता की पुष्टि न होने से जेल में ही बंद रहा। दो वर्ष पहले पाकिस्तान सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को पता भेजकर भारतीय युवक के बंद होने की जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश के छह फरवरी 2019 को विदेश मंत्रालय से मिले पते के आधार पर एलआईयू ने पुनवासी का पता लगाना शुरू किया। लेकिन नाम और पता खोजने में दो वर्ष बीत गये। छह अक्तूबर 2020 को उसका पता देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना गांव निवासी पुत्र कन्हैयालाल मिला। इसके बाद उसके वतन वापसी के लिए कवायद शुरू की गई।

17 नवंबर को पुनवासी को अटारी बार्डर पर बीएसएफ को सौंपा गया।  कोरोना संक्रमण के चलते वह अटारी कम्यूनिटी सेंटर में क्वारंटीन रहा। क्वारंटीन खत्म होने के बाद उसे अमृतसर में रखा गया है। पुनवासी के वतन वापसी हुए एक माह बीत गये हैं, पर वह घर वापसी नहीं कर सका है। 

बहन किरण की पीड़ा, नहीं मिल रही मदद
पुनवासी के परिवार में सिर्फ उसकी बहन ही बची है। उसके माता-पिता के साथ उसके भाइयों की भी मौत हो चुकी है। पुनवासी के पाकिस्तान में होने की जानकारी होने पर बहन किरण की आंखों से खुशियों के आंसू छलके थे, पर अब वतन वापसी के बाद घर वापसी न होने पर दुखी है।

किरण का कहना है कि उसे बताया गया था कि उसके भाई को घर पर लाकर छोड़ा जाएगा, पर अब कहा जा रहा है कि उसे अमृतसर जाकर ले आए। रोते हुए पुनवासी की बहन किरण ने कहा कि परिवार तंगहाली में है। किसी तरह से भोजन नसीब होता है, परिवार कर्ज में है। पंजाब जाकर लाने मेें हजारों रुपये खर्च होगा। उसके पास इतना पैसा नहीं है। जिला प्रशासन या जन प्रतिनिधियों से कोई मदद नहीं मिल रही। 

सार

  • 35 वर्षीय पुनवासी मिर्जापुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना गांव का निवासी है 
  • विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान सरकार से साधा संपर्क, जल्द भारत वापसी की उम्मीद 
     

विस्तार

दो वर्ष की कवायद के बाद जिस पुनवासी का पता खोजकर उसे 11 वर्ष बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा कराया गया, वह वतन वापसी के बाद घर वापसी की बाट जोह रहा है। उसे अमृतसर में क्वारंटीन किया गया है। तंगहाली में जी रहे परिजन उसे वापस लाने में अक्षम हैं। 

मिर्जापुर जिले की देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना निवासी पुनवासी 11 वर्ष पहले 2009 में बार्डर पार कर पाकिस्तान चला गया था। सजा पूरी करने के बाद भी वह राष्ट्रीयता की पुष्टि न होने से जेल में ही बंद रहा। दो वर्ष पहले पाकिस्तान सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को पता भेजकर भारतीय युवक के बंद होने की जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश के छह फरवरी 2019 को विदेश मंत्रालय से मिले पते के आधार पर एलआईयू ने पुनवासी का पता लगाना शुरू किया। लेकिन नाम और पता खोजने में दो वर्ष बीत गये। छह अक्तूबर 2020 को उसका पता देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना गांव निवासी पुत्र कन्हैयालाल मिला। इसके बाद उसके वतन वापसी के लिए कवायद शुरू की गई।

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Author: thenewhind

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