Fake TRP case: Enforcement Directorate also starts investigation, filed case in Prevention of Money Laundering Act | प्रवर्तन निदेशालय ने भी शुरू की जांच, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट में दर्ज किया है केस

  • Hindi News
  • Local
  • Maharashtra
  • Fake TRP Case: Enforcement Directorate Also Starts Investigation, Filed Case In Prevention Of Money Laundering Act

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुंबई2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सबसे पहले इस मामले का खुलासा मुंबई पुलिस के कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा किया गया था।

  • मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट ने अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है

प्रवर्तन निदेशालय ने फेक TRP मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के आधार पर मिली जानकारी के अनुसार मुंबई पुलिस ने ही ED से इस मामले की जांच करने का आग्रह किया था। मुंबई पुलिस ने कई चैनलों के वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी ED को सौंपे हैं। मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें रिपब्लिक टीवी चैनल के डिस्ट्रीब्यूशन हेड घनश्याम सिंह भी शामिल हैं।

यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में भी लंबित है। दो हफ्ते पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने इसी केस में महाराष्ट्र सरकार, मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह और अन्य पुलिस अधिकारियों से भी एक याचिका के संबंध में जवाब मांगा था।

रिपब्लिक टीवी के 12 से ज्यादा लोगों से हुई है पूछताछ
घनश्याम सिंह से इससे पहले भी कई बार पूछताछ हो चुकी है। क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, सिंह सिर्फ डिस्ट्रीब्यूशन हेड ही नहीं हैं, उनका ओहदा रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट का भी है। सिर्फ घनश्याम सिंह ही नहीं, TRP केस में CIU रिपब्लिक टीवी चैनल में टॉप रैंक के आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए बुला चुकी है।

कुछ और चैनलों के कर्मचारी जांच के घेरे में
पिछले महीने CIU ने कुछ आरोपियों की रिमांड अप्लीकेशन में जिन कुछ चैनलों के मालिकों/चालकों को वॉन्टेड दिखाया था, उनमें रिपब्लिक चैनल का भी नाम था। रिपब्लिक के अलावा न्यूज नेशन, WOW, फख्त मराठी, बॉक्स सिनेमा और महा मूवी चैनल चैनल से जुड़े लोग भी जांच के घेरे में हैं।

दो लोग अब तक बन चुके हैं अप्रूवर
इस केस में अब तक कुल 12 लोग अरेस्ट हो चुके हैं। इनमें से दो आरोपी उमेश मिश्रा और आशीष चौधरी CIU के अप्रूवर भी बन चुके हैं। CIU ने कई दर्जन गवाहों के अब तक स्टेटमेंट लिए हैं। कई गवाहों के CRPC के सेक्शन 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान लिए गए हैं, ताकि मुकदमे के दौरान वह कोर्ट में मुकर न सकें। जिनके घर बैरोमीटर लगाए गए थे, उनमें से भी कुछ के बयान दर्ज किए गए हैं।

कैसे चल रहा था फेक TRP का खेल?
मुंबई पुलिस के कमिश्नर परमबीर सिंह ने कुछ दिनों पहले इस मामले का खुलासा करते हुए बताया था कि जांच के दौरान ऐसे घर मिले हैं, जहां TRP का मीटर लगा होता था। इन घरों के लोगों को पैसे देकर दिनभर एक ही चैनल चलवाया जाता था, ताकि चैनल की TRP बढ़े। उन्होंने यह भी बताया था कि कुछ घर तो ऐसे पता चले हैं, जो बंद थे, उसके बावजूद अंदर टीवी चलते थे। एक सवाल के जवाब में कमिश्नर ने यह भी कहा था कि इन घर वालों को चैनल या एजेंसी की तरफ से रोजाना 500 रुपए तक दिए जाते थे।

मुंबई में पीपुल्स मीटर लगाने का काम हंसा नाम की एजेंसी को दिया हुआ था। इस एजेंसी के कुछ लोगों ने चैनल के साथ मिलकर यह खेल किया। जांच के दौरान हंसा के पूर्व कर्मचारियों ने गोपनीय घरेलू डेटा शेयर किया।

Source link

thenewhind
Author: thenewhind

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *